ब्रिटेन की राजधानी लंदन समेत पूर्वी इंग्लैंड में कोरोना वायरस का नया प्रकार यानी स्ट्रेन बेकाबू होता नजर आ रहा है।
लंदन की खराब हालत को देखते हुए यूरोप समेत दुनिया के कई देश ब्रिटेन से उड़ान रद्द कर दिया।
Corona का नया स्ट्रेन सिर्फ ब्रिटेन में ही नहीं नीदरलैंड डेनमार्क ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में भी फैल गया है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने भी अपनी सभी फ्लाइट फ्रांस की कैंसिल कर दी है। यह वायरस कोरोना वायरस के मुकाबले 70% ज्यादा तेजी से फैलता है। भारत सरकार को डर है कि यह वायरस देश में आया तो करोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ सकते हैं। ब्रिटेन में वायरस मिलने के बाद, ब्रिटेन की सभी फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया है। ब्रिटेन ने इस वायरस को देखते हुए 20 दिसंबर 2020 से लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि ब्रिटेन में मिला नया वायरस कुरौना को बड़ी तेजी से फैला सकता है। नीदरलैंड्स और बेल्जियम ने वायरस को देखते हुए अपनी सारी फ्लाइट को कैंसिल कर दिया है। जबकि जर्मनी उड़ानों की संख्या को सीमित करने के बारे में सोच रहा है, ताकि इसका प्रकोप समूचे महाद्वीप में ना फैले। वही नीदरलैंड ने अपनी फ्लाइट को कम से कम इस साल के अंत तक रोक लगा दी है।
वही बेल्जियम ने सिर्फ 24 घंटे के लिए अपने फ्लाइट पर रोक लगा दी है।

माना जा रहा है कि यह वायरस कम से कम 5 देशों में फैल चुका है कुछ देशों का कहना है कि यह वायरस शायद पहले से ही उनके यहां मौजूद है।
ब्रिटेन के साथ- साथ डेनमार्क, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया तथा इटली में भी यह वायरस मिला है।
ब्रिटेन से एक व्यक्ति रोम पहुंचा था जिसके वजह से इटली में या वायरस पाया गया।

माना जा रहा है कि यह वायरस ब्रिटेन के लंदन में बहुत तेजी से फैल रहा है। ब्रिटेन में 60% मामले स्ट्रेन के ही बताए जा रहे हैं।
ब्रिटेन इस वायरस को देखते हुए अपने देश मे Tear-4 लगा दिया है। अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि टीका लगाने से इस वायरस पर क्या असर होगा।